मत्स्य आसन(FISH POSE)

यदि हमारा मन करता है कि हमारी बुद्धि कुशाग्र हो ,हमारी शक्ल पर एक आभा उत्पन्न हो जाए, हमारे बाल काले घने लंबे हो जाए ,हमारी आंखों की रोशनी बढ़ जाए तो इन सभी के लिए एक ही आसन है जिसका नाम योग में सबसे ऊपर लिया जाता है उसको कहते हैं मत्स्य आसन । क्योंकि इस आसन में हमारे शरीर की अवस्था मछली जैसी बन जाती है अतः इसे मत्स्यासन कहते हैं अंग्रेजी में इस आसन को फिश पोज़ भी कहते हैं

आइए जानते हैं मत्स्य आसन किस प्रकार किया जाता है,,,,,

1 सर्वप्रथम अपने दोनों पैरों को खोल लेते हैं।

2उसके पश्चात पद्मासन में बैठते हैं।

3फिर दोनों हथेलियों को जमीन पर रखकर कोहानियों का सहारा लेते हुए अपने धड़ को कमर के बल जमीन पर लिटा देते हैं ।

4अपने सिर को थोड़ा सा उठाकर पीछे की ओर रख देते हैं जिससे कि हमारी गर्दन हवा में तैरने लगती है।

5बाएं हाथ से दाएं पैर के अंगूठे को तथा दाएं हाथ से बाएं पैर के अंगूठे को पकड़ने का प्रयास करते हैं ।

6कोहनी को जमीन पर टिकाए रखते हैं ।

7घुटनों को भी जमीन पर ही टच करे रखते हैं उठाने का प्रयास नहीं करते हैं।

8सांसों को सामान्य चलने देते हैं। 30 सेकंड से लेकर 120 सैकेंड तक इस अवस्था में रुकने का प्रयास कर सकते हैं। उसके पश्चात धीरे धीरे अपनी प्रारंभिक अवस्था में आ जाते हैं।

                         ये भी यदि आप जान ले तो बहुत लाभदायक रहेगा //
                                                                                                   चतुरंगदण्डासन(FOUR LIMBED STAFF POSE)
                                                                                                                         आसन क्या होता है ?
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मत्स्यासन  करते हुए सावधानियां

जिन लोगों का पेट का कोई ऑपरेशन हुआ हो उन लोगों को इस आसन को नहीं करना चाहिए ।

जिन लोगों को फेफड की कोई समस्या उन लोगों को इस आसन को करने से पहले अपने डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए ।

रीड की हड्डी में यदि कोई समस्या हो तो इस आसन को करने से बचना चाहिए ।

अल्सर और हर्निया वाले लोगों को भी इस आसन को करने से पहले अपने डॉक्टर से कंसल्ट कर लेना चाहिए ।

घुटने आदि में दर्द बढ़ने पर इस आसन को रोक देना चाहिए।।

विशेष⇔ योग करने से पहले साधारण सावधानियों को भी ध्यान से पढ़ ले ///

मत्स्यासन  से होने वाले लाभ

इस आसन को करने से हमारे बालों में से सभी समस्या दूर हो जाती है ।

इस आसन को करने से हमारी थायराइड की बीमारी में बहुत लाभ होता है ।

इस आसन को करने से फेफड़ों में यदि कोई भी समस्या है तो वह दूर हो जाती है ।

इस आसन को करने से हमारे चेहरे पर एक आभा की उत्पत्ति हो जाती है ।

इस आसन को करने से हमारी गर्दन का व्यायाम हो जाता है ।

इस आसन को करने से हमारी याददाश्त में वृद्धि हो जाती है ।

इस आसन को करने से पुरानी से पुरानी कब्ज की समस्या दूर हो जाती है ।

मधुमेह की समस्या में इस आसन को करने से अत्यंत लाभ होता हैं ।

पेट की चर्बी को कम पेट की चर्बी को कम करने मैं यहां से बहुत ही लाभदायक होता है।

गर्भाशय की सभी समस्याओं के लिए सर्वोत्तम आसन होता है।

इसके अलावा आपको प्रतिदिन व्यायाम प्राणायाम जैसे कपालभांति ,अनुलोम विलोम और आसन जैसे सर्वांगासन ,हलासन , उष्ट्रासन अर्धचंद्रासन ,धनुरासन , तितलिआसन ,मंडूकआसन, गौ मुखासन , पवनमुक्तासन, वज्रासन ,गौमुखासन आदि का अभ्यास भी करते रहना चाहिए /

आप से अनुरोध है कि यदि आप ने यह आसन किया तो इस से होने वाले लाभ के प्रति अपने सुझाव प्रतिक्रिया या और कोई प्रश्न हो तो नीचे कमेंट बॉक्स में अवश्य लिखें और इस लेख को शेयर भी करें Google प्लस, Facebook ,Twitter या WhatsApp पर।
धन्यवाद

योग और निरोग( मनोज मेहरा )

यदि आप इस आसन को यू टयूब पर भी देखना चाहते है तो इस पर क्लिक करे ////////मत्स्य आसन /////

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