कोरोना वायरस से समझे और जाने हमारे पूरे शरीर की रोगों से लड़ने के तरीके के बारे में विस्तार से।

कोरोना वायरस को पैदा करके खुदा ने ईनसान को एक बहुत बडी चेतावनी दी है की “हे ईनसान तू अब गहरी नींद से जाग । कहाँ तक नींद में सोता रहेगा ईस तरह अनजान होके ? तु अपनी “रोग प्रति कारक शक्ति” को बढा दे । ये Junk Food/तेल मसालेदार खुराक/Pizza और Burger जैसे विकृति से भरा हुआ खुराक खा के अपने शरीर को रोगों में बिगाड़ते हुए तू कब तक जियेगा रे बंदे ? आखिर कब तक इस परेशानी को झेलेगा….!!!! चैन से तु खुद भी नहीं जी पाऐगा न चैन से जीने देगा दुसरे को ? अपने दिमाग की बत्ती को switch on करके तू जरा समझ तो ले की चीन के वुहान प्रात में November 2019 में पैदा हुआ एक बहुत ही छोटा सा “कोरोना” नाम का वायरस ने आज सात महीने के बाद सारी दुनिया को “महामारी के रोग” में पकड लिया है । सब की नींद हराम कर दी है ईस छोटे से वायरस ने….!!!! Lockdown में रहने के लिये मजबूर कर दिया है हम सबको । कब तक तू जिएगा इस तरह मजबूर हो के और भयभीत हो के । 200 से ज्यादा देशों से बनी हुई इस दुनिया में कोरोनाग्रस्त देशों का Internet List में तेरा भारत देश आज तीसरे नंबर पे आ चुका है । और अगर दो तीन महीने के बाद भी ये ही कोरोना का कहर जारी रहा तो तेरे देश को दूसरे और बाद में पहले नंबर पे जाते हुऐ कोई रोक नहीं पाऐगा । कयोकी अमेरिका की जनसंख्या आज 35 करोड की है और तेरे भारत देश की जनसंख्या तो 135 करोड की है….!!!!! संक्रमण के असर के जरये बढता हुआ ये “कोरोना का महायुद्ध” आसानी से रुकने वाला नही है । तेरा भारत देश बहुत ही जल्दी Corona Internet List के पहेले नंबर पे पहुच जायेगा । दुनिया की कोई भी ताकत उसे पहले नंबर पे जाते हुऐ रोक नहीं पाऐगी । कोई भी Antibiotic दवाई का अमृत अब न पैदा होने वाला है और ना कभी होगा । जो Antibiotic पिछले सात महीनों में नहीं बन पाया लाखों इंसानों के मरने के बाद वो भविष्य में बनेगा उसकी झूठी उम्मीद रखना मूर्खता है । हे ईनसान तेरे पास बस एक ही रास्ता बचा है । बहुत ही ध्यान से सुन मेरी बात : तेरे ही भारत देश में शास्र पे आधारित एक “नई भोजन प्रथा” प्रचलित हुईं है । जिसका आचरण अगर अपने दैनिक जीवन में किया जाय तो उससे मानव शरीर में “रोग प्रति कारक शक्ति” इतनी बढ जाती है की उसका सतत पालन करते रहने से वो शरीर बाद में “निरोगी” बन जाता है । “अखंड स्वास्थय” को पा लेता है । उस “नई भोजन प्रथा” के शरण में अब तु भी अपना सर झुका ले । अब तेरे पास और कोई उपाय बचा ही नहीं है । उसका तु अपने सच्चे ह्रदय से स्वीकार कर ले और उसको मूलभूत रुप मे पालन करते हुए अपने शरीर को “अखंड स्वास्थय” का वरदान दे । बाद में तू तंदुरुस्ती के बारे में ऐसा आत्मनिर्भर हो जायेगा कि कोई भी महारोग तेरे शरीर को छुएगा तक नहीं । अपने शरीर में तू”तंदुरुस्ती की क्रांति” के ज्वालामुखी को अब धारण कर ले । बहुत ही सुन्दर शायरी में सिर्फे तेरे ही लिये ही नहीं किंतु सारी दुनिया के सब ईनसान को चेतावनी देने के लिये पेश कर रहा हूँ : “पुरा विश्व बन गया है छोटा, औद्योगिक क्रांति से….!!!! बना रहेगा अस्तित्व उसका तंदुरुस्ती की क्रांति से । –

“💐👍PPPP👍💐” {जीवन को जिए निरोग बिना किसी औषधि ओर चिकित्सक की आवश्यकता के । https://www.youtube.com/playlist?list=PLuvYOw0Nrj2h_G4I2qtvRPnqL7RHtECh8

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